उ.प्र. उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग से चयन के पश्चात् वर्ष 2018 से महाविद्यालय में असिस्टेंट प्रोफेसर के रूप में अद्यतन कार्यरत। इससे पूर्व लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी में हिंदी-प्राध्यापिका के रूप में अध्यापन। डॉ दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय, गोरखपुर से 2004 में स्नातक व हिन्दी विषय से 2006 में परास्नातक की उपाधि। वर्ष 2016 में प्रो. रघुवंश के कृतित्व पर डॉक्टर ऑफ़ फ़िलॉसफी (डी.फिल.) की उपाधि इलाहाबाद विश्वविद्यालय से। मनोहरश्याम जोशी के रचनात्मक अवदान पर राष्ट्रीय स्तर पर एक पुस्तक व लब्धप्रतिष्ठ जर्नल्स में अब तक लगभग 14 शोधपत्रों का प्रकाशन। अनेक महत्त्वपूर्ण राष्ट्रीय संगोष्ठियों में प्रतिभागिता व शोधपत्रों का वाचन। स्नातक व परास्नातक स्तर पर विद्यार्थियों के बीच हिन्दी काव्य, कार्यालयी हिंदी, हिंदी अनुवाद, साहित्यशास्त्र, भाषा विज्ञान व लोक साहित्य आदि विषयों पर अध्ययन-अध्यापन, अंतःक्रिया व संवाद। उच्चतर अकादमिक स्तर पर डॉ राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय की पाठ्यचर्या के अंतर्गत अनेक पंजीकृत शोधार्थियों के शोधकार्य के लिए शोधनिर्देशक, परामर्शदाता व मार्गदर्शक की भूमिका का निर्वहन। महाविद्यालय में छात्र सहायता समिति, नियंता समिति, सांस्कृतिक समिति, आंतरिक परिवाद समिति, महिला शिकायत निवारण प्रकोष्ठ, प्रवेश समिति, साकेत-सुधा संपादक-मण्डल व सहायक छात्र कल्याण अधिकारी के रूप में दिये गए अनेक दायित्वों का निष्ठापूर्वक सम्पादन।