Invited Lecture by R Venkatmunni Reddy
Category: Invited Lecture
Venue: J P N Hall
Year: 25 September 26
*“Beyond Boundaries: Analysing the Facts and Impact of the Crisis in Neighbouring Nations and Their Implications for India”*
अर्थशास्त्र विभाग द्वारा दिनांक 25 सितम्बर 2025 को “Beyond Boundaries: Analysing the Facts and Impact of the Crisis in Neighbouring Nations and Their Implications for India” विषय पर एकल व्याख्यान का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम के संयोजक डॉ. मुकेश कुमार पाण्डेय थे। व्याख्यान के मुख्य वक्ता डॉ. आर. वेंकटमुनि रेड्डी, एसोसिएट प्रोफेसर, अर्थशास्त्र विभाग, डॉ. हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय, सागर (मध्य प्रदेश) थे।
व्याख्यान के दौरान डॉ. रेड्डी ने भारत के पड़ोसी देशों में उत्पन्न आर्थिक एवं राजनीतिक संकटों का गहन विश्लेषण प्रस्तुत किया। उन्होंने विभिन्न देशों में आर्थिक अस्थिरता, राजनीतिक उथल-पुथल, व्यापारिक सम्बन्धों में परिवर्तन, शरणार्थी संकट, क्षेत्रीय सहयोग की चुनौतियाँ तथा भू-राजनीतिक परिस्थितियों का विस्तृत उल्लेख किया। साथ ही उन्होंने इन संकटों के भारत की अर्थव्यवस्था, राष्ट्रीय सुरक्षा एवं विदेश नीति पर पड़ने वाले संभावित प्रभावों को तथ्यात्मक एवं विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण से स्पष्ट किया।
उन्होंने अपने व्याख्यान में आँकड़ों एवं समकालीन उदाहरणों के माध्यम से यह बताया कि वैश्विक एवं क्षेत्रीय संकटों का प्रभाव केवल सम्बन्धित देशों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि पड़ोसी राष्ट्रों की आर्थिक, सामाजिक एवं रणनीतिक नीतियों को भी प्रभावित करता है। इस सन्दर्भ में भारत की भूमिका, चुनौतियों एवं सम्भावनाओं पर भी विशेष चर्चा की गई।
कार्यक्रम के अन्तर्गत आयोजित प्रश्नोत्तर सत्र में विद्यार्थियों, शोधार्थियों एवं शिक्षकों ने सक्रिय सहभागिता करते हुए विभिन्न जिज्ञासाएँ प्रस्तुत कीं, जिनका समाधान वक्ता द्वारा विस्तारपूर्वक किया गया।
यह व्याख्यान अत्यन्त ज्ञानवर्धक, समसामयिक एवं शोधपरक रहा। इससे विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों को वर्तमान अन्तर्राष्ट्रीय आर्थिक एवं राजनीतिक परिस्थितियों को समझने का महत्वपूर्ण अवसर प्राप्त हुआ। ऐसे कार्यक्रम विभाग की शैक्षणिक गुणवत्ता, बौद्धिक वातावरण एवं समसामयिक विषयों के प्रति विद्यार्थियों की समझ को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
डॉ. मुकेश कुमार पाण्डेय
संयोजक
अर्थशास्त्र विभाग